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Showing posts from June, 2018

दुनिया देखकर दंग है मैने लढी एसी जंग है

दुनिया देखकर दंग है मैने लढी एसी जंग है दरवाजा हर एक बंद है छुटा सबका संग है भरोसा अब किसपे करु बदला सबने जो रंग है सपने अब क्या देखु आँखे खुली सुन्न हेै उस शक्स के लिए क्यु लढ...

वो खुदमे खोया रहता है

वो खुदमे खोया रहता है  कभि असमान कभि जमिन वो देखता रहता है वो खुदमे खोया रहता है  बारीशो की एक दो बुँदे हाथेलि पे डाल भि लेता है कोई अपणा दिख जाये तो कभि कबार थोडा हंस भि देता है वो ज्यादातर खुदमे ही खोया रहता है कोई पुछे कैसे हो तो थोडा मुस्कुरा देता है वो खुदमे ही खोया रहता है

hindi shayari

बहोत जिल्लतो बाद मिली तारिफ और कड़ी धुप के बाद थोडीशी बारीश सुकुन देही जाति है😅😅 :-@bhi

एक बार इश्क भि करले

टुट गया है जोडले गिर गया है उठा ले बिखर गया है समेटले हार गया है एक और बार कोशिश करले जित गया है एक और बार खेल ले मायुस है थोडा हसदे खुश है थोदा आँखो से आंसु आने दे दो पल है एक पल ठेहरले दुसरे पल चल दे क्या मजा है पुरी जिंदागि जिणे मे थोडा बहोत मर भि ले इसि लिए कहता हुँ एक बार इश्क भि करले

उसे बस इंतजार था

उसे इंतजार था तपती धुप मे छाव का भरी बारिश मे छत का दुःख मे थोडेसे सुख का प्यार मे कीसिके साथ का उसे बस इंतजार था कोई आके हात थाम लेने का दिल के आक्रोश को शब्द देणे का तन्हाई मे रो देणे का और खुशि मे हसणे का उसे बस इंतजार था एक पल मे हजार लम्हे गुजार देणे का या उन हजार लम्हो मे बस वो एक पल गुजार ने का उसे बस इंतजार था तकदीर बदलणे का या फिर अपनी तकदिर खुद लिखणे का अंधेरो मे जिना नामंजुर था उजालो मे पाव पडता नही था उसे इंतजार था उजालो का हजारो मे उस एक शक्स का उसे बस इंतजार था