उसे बस इंतजार था

उसे इंतजार था
तपती धुप मे छाव का
भरी बारिश मे छत का
दुःख मे थोडेसे सुख का
प्यार मे कीसिके साथ का
उसे बस इंतजार था
कोई आके हात थाम लेने का
दिल के आक्रोश को शब्द देणे का
तन्हाई मे रो देणे का
और खुशि मे हसणे का
उसे बस इंतजार था
एक पल मे
हजार लम्हे गुजार देणे का
या उन हजार लम्हो मे
बस वो एक पल गुजार ने का
उसे बस इंतजार था
तकदीर बदलणे का या फिर
अपनी तकदिर खुद लिखणे का
अंधेरो मे जिना नामंजुर था
उजालो मे पाव पडता नही था
उसे इंतजार था उजालो का
हजारो मे उस एक शक्स का
उसे बस इंतजार था

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