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Showing posts from September, 2019
ये कैसि तेरि जालिम मेरी तुझपे मोहब्बत है पल पल बस तबाह किए जाति है इस उडते धुवे के साथ हर एक याँद मिटाति जाति है बाहर से खुद भि जलति जाति है अंदर से मुझे जलाति जाति है इश्क मुझसे करति भि नहि नफरत तुझसे होने भि नहि देति है तु पुरी जल जाति है,मुझे बचाकुचा पुरा जलाने के लिए  फिरसे पहले सिरे से जलना शुरु हो जाति है
अफवाओं में "मै" अलग अलग मुझे बहोत बार आया सुनने को मै ठेहरा रहा बरसों तक असलि "मै" बताने को हजार आवाजे थि मुझे मेरी मंजिल बताने को मै चलता रहा बरसों तक मेरी खुदकी आवाज सुनने को सौ याँदे थि मुझे पिछे कल में ले जाने को मै आगे कल कि ओर बढता रहा एक दों वादें निभाने को मेरी जंग नहि थि फिर भि लढता रहा दिए हुए वादों का साथ देने को मै लढता रहा ये जानते हुए भि कि साथि तयार है बिच लढाई में मेरा साथ छोड जाने को :-@bhi
हार से पार हुँ मै जित का त्योंहार हुँ मुश्किलो से क्युँ डरुँ उनका तो मै यार हुँ शोहरतों का वार हुँ मै जिल्लतो का प्यार हुँ तकदिर से खाई हुई मार हुँ अफताब मै उगने के लिए तयार हुँ कलियुग का अवतार हूँ मै खुदसे आई पुकार हुँ बुराई में दरार हुँ मै अच्छाई की दरकार हुँ प्यार का इजहार हुँ मै विश्वास का इकरार हुँ वफाई कि दिवार हुँ मै बेवफाई पे धिक्कार हुँ तुफानो में कश्तियो कि पतवार हुँ तेरी सलामति पे जान निसार हुँ जिंदगि का तेरी पहरेदार हुँ मै हार से पार हुँ :-@bhi