ये कैसि तेरि जालिम मेरी तुझपे मोहब्बत है
पल पल बस तबाह किए जाति है
इस उडते धुवे के साथ हर एक याँद मिटाति जाति है
बाहर से खुद भि जलति जाति है
अंदर से मुझे जलाति जाति है
इश्क मुझसे करति भि नहि
नफरत तुझसे होने भि नहि देति है
तु पुरी जल जाति है,मुझे बचाकुचा पुरा जलाने के लिए 
फिरसे पहले सिरे से जलना शुरु हो जाति है

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