अफवाओं में "मै" अलग अलग मुझे बहोत बार आया सुनने को
मै ठेहरा रहा बरसों तक असलि "मै" बताने को

हजार आवाजे थि मुझे मेरी मंजिल बताने को
मै चलता रहा बरसों तक मेरी खुदकी आवाज सुनने को

सौ याँदे थि मुझे पिछे कल में ले जाने को
मै आगे कल कि ओर बढता रहा एक दों वादें निभाने को

मेरी जंग नहि थि फिर भि लढता रहा दिए हुए वादों का साथ देने को
मै लढता रहा ये जानते हुए भि कि साथि तयार है बिच लढाई में मेरा साथ छोड जाने को
:-@bhi

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