हार से पार हुँ
मै जित का त्योंहार हुँ
मुश्किलो से क्युँ डरुँ उनका तो मै यार हुँ
शोहरतों का वार हुँ
मै जिल्लतो का प्यार हुँ
तकदिर से खाई हुई मार हुँ
अफताब मै उगने के लिए तयार हुँ
कलियुग का अवतार हूँ
मै खुदसे आई पुकार हुँ
बुराई में दरार हुँ
मै अच्छाई की दरकार हुँ
प्यार का इजहार हुँ मै
विश्वास का इकरार हुँ
वफाई कि दिवार हुँ मै
बेवफाई पे धिक्कार हुँ
तुफानो में कश्तियो कि पतवार हुँ
तेरी सलामति पे जान निसार हुँ
जिंदगि का तेरी पहरेदार हुँ
मै हार से पार हुँ
:-@bhi

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