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Showing posts from August, 2018

hindi shayari for gf कयुं मे तुझपे ही आके थम जाता हुँ

best hindi shayari for gf,hindishayari love,hindi shayari sad rimantic कयुं मे तुझपे ही आके थम जाता हुँ भरि आँखो से उसने पुछा क्युँ मुझपेही आके थम जाति है हर बात तुम्हारि? ,मैने उसकी माथे की झुल्फे सवारते हुए उसका चेहरा हातों मे लिया पुरी खामोशि मे आँखो मे आँखे थी मानो अब उसकी आँखे सवाल पुछ रही थी मेरी आँखे जवाब दे रही थी बस अब इतने दिनो से कैद मेरे शब्द बाहर आ ही गये तु जरुरत है मेरी,मै बोल पड़ा मेरी जिंदगि का एहसास हो तुम,जिने की मेरी आस हो तुम,मै जागु तो सामने तु चाहीए आँखे बंद हो तो हातो मे हात तेरा चाहीए,मुझे हर जनम मे तु चाहीए मुझे हर पल मे तु चाहीए,मेरी हर हासि तेरी हो तेरा हर आंसु मेरा हो,मेरे हर शब्द मे तेरा नाम हो मेरी हर खामोशि मे तेरी आवाज हो,तेरी आँखेे झुके तो मेरे लिए,तेरी आँखेे उठे तो मेरे लिए,तेरी चुडीयों खणखणाहट मेरे लिए हो, तेरी पायलो की छणछ्णाहट मेरे लिए हो,मे इबादत करू तो वो तेरे लिए हो,मे अगर झुकु तो वो सजदा तेरे लिए हो,मेरी हर धडकण तेरे लिए हो तेरी हर धडकण मेरे लिए हो बस हम दोनो की सांस एक हो,अब इससे आगे और क्या कहुँ तुमने पुछे हुए सवाल का जवाब ही तुम हो ...
गिरफ्त मे तेरी मेरी ये धडकने हेै ,उतरा हुँ मैदाने जंग मे ये जानते हुए भी की शिकस्त मेरी तय है 
देखति आँखे है भुगटना दिल को पडता है गुस्सा करुँ भि तो किसपे, दिल को आँखे नही ना आँखो को दिल :-@bhi

,वो इन्सान है खुदमे ही मरता है

वो चलता है,वो रूकता है वो देखता है,वो सुनता भी है वो इन्सान है बस यही भुलता है वो इन्सानियत की उम्मिद रखता है,खुदमे इन्सानियत नही जगाता वो खुद उठणे के लिए हात माँगता है,कीसी गिरे हुए को हात नही देता वो इन्सान है बस यही भुलता है वो भुतकाळ मे जिता है,वो भविष्य की चिंता करता है वो इन्सान है वर्तमान को अनदेखा करता है वो चार दिवारियों के कल मे बैठता है,वो छत मे कल को देखता है,वो इन्सान है खुदमे ही मरता है

मुझे देख के आँखे क्यु झुका देती हो?

मुझे देख के आँखे क्यु झुका देती हो इस सवाल का जवाब आँखे उठाकर मेरी तरफ देख कर फिर से आँखे झुकाकर क्यूं  देती हो,ये देख के फिर से वही सवाल आ जाता है "मुझे देख के आँखे क्यु झुका देती हो?"

वो शोहरतों के मुकाम पर था

वो शोहरतों के मुकाम पर था वो जिल्लतो को शुक्रिया केह रहा था जींदगी बाहे फेहलाये खडी थी वो मौत को गले लगा रहा था लोग जल्दि कर रहे थे,वो सब्र कर रहा था अपनो को जाते देख वो बस अलविदा केह रहा था जिस मासुमियत से वो मौतसे मिल रहा था लोग हैराण हो रहे थे और वो बस हस रहा था मंजिल बाहों मे थी चुम वो रास्तो को रहा था वो शोहरतों के मुकाम पर था वो जिल्लतो को शुक्रिया केह रहा था आज वो बोल रहा था और जमाना सुन रहा था आज मंजिल उसको ताज पेहणा रही थी और रास्ता जयजयकार कर रहा था जमाना निचे खडा था और वो आदेश दे रहा था वो शोहरतों के मुकाम पर था वो जिल्लतो को शुक्रिया केह रहा था
मंजिले तय होति गयि रास्ते बनते गये काँटे बिछते गये और हम बस चलते गये :-@bhi

जरा कान इधर करो तुम्हे एक राझ की बात बताता हुँ

जरा कान इधर करो तुम्हे एक राझ की बात बताता हुँ मै राझ की बात बताते वक्त चिल्लाता हुँ,अगर किसी के कान मे फुसफुसाता हुँ तो लोग समझते है मे क़ोई राझ की बात बताता हुँ जरा कान इधर करो तुम्हे इस बात का राझ बताता हुँ मै राझ की बात बताते वक्त चिल्लाता इसलिए हुँ ताकि लोगो को लगे में युँही कुछ बडबड़ाता हुँ,मैं तुम्हे और एक राझ की बात बताउ मै किसी के कान मे इसालिए फुसफुसाता हुँ ताकि लोगो को लगे में क़ोई राझ की बात बताता हुँ जरा कान इधर करो तुम्हे एक राझ की बात बताता हुँ मै कोई राझ की बात बताउ ना तो उसपे विश्वास मत करना, तुम्हे और एक राझ की बात बताउ मे जिंस बात पर विश्वास मत करना बोलु ना उस बात पर जरुर विश्वास करना
हो अगर सपने के प्रति प्यार          तो उठाओ ये बंदुक उठाओ तलवार।                          कीसी ओर के कहने से मत बदलो दिशा।                            अब खुद ही खुद को पहणाव जित का हार।

हाँ अब केह सकता हुँ मैने थोड़ी बहोत दुनिया देखी है

मैने अमिरो की दस रुपये के लिए मगजमारी देखी है, जिसको दो वक्त की रोटी नाशिब आनि मुश्किल है उसको अपने हीस्से की आधि रोटी बाँटते देखी है हाँ अब केह सकता हुँ मैने थोड़ी बहोत दुनिया देखी है, ज्यादा नही लेकीन थोडी बहोत दुनियादारि भि सिखी है                            मैने घणे अंधेरे मे बाप की परछाई मेरे साथ देखी है, झुठी ही सही माँ से अपनी सच्ची तारीफ सुनि है हाँ अब केह सकता हुँ मैने थोड़ी बहोत दुनिया देखी है खामोशि मे मैने बहोत सि आवाजे सुनि है, बहोत सि आवाजो मे मैने खामोशि सुनि है।                    मैने खामोशि के शब्द सुने है, मैने शब्दो की खामोशि सुनि है।  हाँ अब केह सकता हुँ मैने थोड़ी बहोत दुनिया देखी है,                                                                        ...