हाँ अब केह सकता हुँ मैने थोड़ी बहोत दुनिया देखी है

मैने अमिरो की दस रुपये के लिए मगजमारी देखी है,
जिसको दो वक्त की रोटी नाशिब आनि मुश्किल है
उसको अपने हीस्से की आधि रोटी बाँटते देखी है
हाँ अब केह सकता हुँ मैने थोड़ी बहोत दुनिया देखी है,
ज्यादा नही लेकीन थोडी बहोत दुनियादारि भि सिखी है                           
मैने घणे अंधेरे मे बाप की परछाई मेरे साथ देखी है,
झुठी ही सही माँ से अपनी सच्ची तारीफ सुनि है
हाँ अब केह सकता हुँ मैने थोड़ी बहोत दुनिया देखी है

खामोशि मे मैने बहोत सि आवाजे सुनि है,
बहोत सि आवाजो मे मैने खामोशि सुनि है।                   
मैने खामोशि के शब्द सुने है,
मैने शब्दो की खामोशि सुनि है। 
हाँ अब केह सकता हुँ मैने थोड़ी बहोत दुनिया देखी है,                                                                           
मैने बहोतो को खुद के दुःख मे रोते देखा है
मैने उन्हिको दुसरों के दुःख पे हसते देखा है               
मैने बहोत सि हसियो के पिछे तन्हाई देखी है
या फिर ये कहुँ
मैने बहोत सि तन्हाईयों के पिछे वो हसि देखी है।                       
हाँ शायद अब केह सकता हुँ मैने थोड़ी बहोत दुनिया देखी है,ज्यादा नही लेकीन थोडी बहोत दुनियादारि भि सिखी है

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