वो शोहरतों के मुकाम पर था

वो शोहरतों के मुकाम पर था
वो जिल्लतो को शुक्रिया केह रहा था
जींदगी बाहे फेहलाये खडी थी
वो मौत को गले लगा रहा था
लोग जल्दि कर रहे थे,वो सब्र कर रहा था
अपनो को जाते देख वो बस अलविदा केह रहा था
जिस मासुमियत से वो मौतसे मिल रहा था
लोग हैराण हो रहे थे और वो बस हस रहा था
मंजिल बाहों मे थी चुम वो रास्तो को रहा था
वो शोहरतों के मुकाम पर था
वो जिल्लतो को शुक्रिया केह रहा था
आज वो बोल रहा था और जमाना सुन रहा था
आज मंजिल उसको ताज पेहणा रही थी और रास्ता जयजयकार कर रहा था
जमाना निचे खडा था और वो आदेश दे रहा था
वो शोहरतों के मुकाम पर था
वो जिल्लतो को शुक्रिया केह रहा था

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