मै मुसिबतों के साथ लढते लढते उनका दोस्त बन गया
तुम देते रह गए लोगो की मिसाले,मै खुदमें एक मिसाल बन गया
आँधियों कि ताकद में,मेरि तरफ आयि आफत में
मै गिरता गया
तुम मारते रहे मेरी ओर पथ्थर,मै पथ्थरों सें रास्ता बनाता गया
बारीश की मौज को छोडकर,तुम मुझपर किचड उछालते रह गए
मै किचड मे रह के कमळ कि तरह खिलता गया
तुम उगते सुरज को पुजते रह गए
मै डुबते सुरज से सलाह लेते लेते उगता अफ्ताब बन गया
तुम मेरी औकात निकालते रह गए
मै अपनि औकात बनाता गया
तुम देते रह गए लोगो की मिसाले,मै खुदमें एक मिसाल बन गया
आँधियों कि ताकद में,मेरि तरफ आयि आफत में
मै गिरता गया
तुम मारते रहे मेरी ओर पथ्थर,मै पथ्थरों सें रास्ता बनाता गया
बारीश की मौज को छोडकर,तुम मुझपर किचड उछालते रह गए
मै किचड मे रह के कमळ कि तरह खिलता गया
तुम उगते सुरज को पुजते रह गए
मै डुबते सुरज से सलाह लेते लेते उगता अफ्ताब बन गया
तुम मेरी औकात निकालते रह गए
मै अपनि औकात बनाता गया
Comments
Post a Comment