मैफिले जिसके नफरतो की लगी थि,मै उसकि तारीफ कर बैठा
जिसके खिलाफ शिकायते आ रहि थि,मै उसकि खासियते बोल बैठा
उसके दुश्मनो के इलाके में,मै उसको अपना दोस्त बता बैठा
जख्म जिससे आए,मै उसीके हात में नमक दे बैठा
जो बात याद रखनि थि,मै बस वहि बात भुल बैठा
जिसके खिलाफ जाने की साजिशे हो रहि थि,मै उसका हि साथ दे बैठा
बात जिसे मारने कि हो रहि थि,मै उसि को बचा बैठा
जो नहि करना था,मै नादान वहि कर बैठा
:-@bhi

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