हा मै काल हुँ
आँखो से आँखो तक कि मजाल हुँ
हा मै काल हुँ
कृष्ण के अंगुठे के पार मै वो बाण हुँ
मै काल हुँ
कृष्ण का चक्र मै मौजुद हर एक अस्त्र मै
शिशुपाल के सौ पांपो का घडा मै
महाभारत के पल पल मे खडा मै
हा मै काल हुँ
आँखो से आँखो तक कि मजाल हुँ
मै काल हुँ
भिष्म का वचन मै
मै द्रोपदि का हरन हुँ
लोगो का कर्म मै
मै कर्मो का उत्तर हुँ
मै काल हुँ
हा मै काल हुँ
शब्दो का जाल हुँ
अभिमन्यु का हाल हुँ
युधिष्ठिर का झुठ मै
पुण्य से अछुत हुँ
गिता का अर्थ मै
गिता सुनने वाला पार्थ मै
विश्वरुप में से एक हुँ
मै काल शोर चुपचाप हुँ
हा मै काल हुँ
विदुर के शब्द मै
दुर्योधन कि बुध्दि हुँ
चिरहरन मे दुशासन के हात मै
मै एक अकेला आवाज विकर्ण हुँ
मै काल हुँ
गांडिव का तिर मै
रथ पे सवार विर मै
पाण्डवो का धिर हुँ
मै कौरवों पे समशिर हुँ
सर्वश्रेष्ठ धर्नुधर मै दलदल मे फसा हुआ चक्र हुँ
मै काल मै शोर चुपचाप हुँ

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