hindi shayri:-निंद लग रही थी,सपने जगा रहे थे निंद लग रही थी,सपने जगा रहे थे रातें ढल रही थी,दिन इंतजार कर रहे थे तुम शरमा रहीं थी,आँखो से इशारे हो रहे थे तुम मुस्कुरा रहीं थी,दिल पे वार हो रहे थे कविताओं की मैहफिल सजी थी,कविताओं में आशिक आ रहे थे बातें वफाई की हो रंही थी,नाम बेवफाओं के लिए जा रहे थे बात इश्क की हो रही थी,जुबान पे हीर रांझा और लैला मजनु आ रहे थे जुल्फे सँवारि जा रही थी,जब मैहफिल मे हमारे कदम आ रहे थे मैने खामोशि सुनि थी,जब मैहफिल में मेरे शब्द आ रहे थे चुडीयों की खणखणाहट आई थी,हजारों के बिच एक तेरी टाली बजी थी हलकीसी वाह सुनि थी,जब मेरी नजर तेरे ओंठो पे गढी थी also check out bollywood related article here क्या आपने देखे रणविर और दिपिका के शादि के फोटो? sara ali khan wants to date kartik aryan and marry ranbir kapoor also check out these poems and shayari's(आप और भि अच्छि कविताए और शायरीया निचे दिये हुए links पर देख सकते है) रास्ता है तो मंजिल होंगी मै झुकता नही मै झुकाता हुँ कयुं मे तुझपे ही आके थम जाता हुँ वो शोहरतों के मुकाम...