hindi shayari:-own words
आँखो में आँखे थि
हातों में हात तेरा
तु ही तो बनके आई थि मेरा वो सवेरा
बात एक होंठो पे दबाए थे वो राज
चुपके से आँखो से बताई थि वो बात
दुरी से हो जाति थि तुम जो वो नाराज
पास होके भि क्युँ हो आज उदास
क्युँ रुठा है आज तेरे चेहरे का ये साज
है कोनसि वो बात जो मन ही मन है चुभति
होंठो पे आने से क्युँ है वो डरति
पास होंके भि क्युँ ना हम ये साथ है
तुम साथ होंके भि क्युँ ना ये दिल पास है
बतला भि दों क्या है मन मै ये रंजिश
प्यार है या बेवफाई क्यां है तेरी साजिश
कर रहा है ये दिल जिने की कोशिश
केह रंहा है ये दिल मिलने कि ख्वाहीश
हो रही है प्यार की आज आजमाईश
abhigajare007.blogspot.com
आँखो में आँखे थि
हातों में हात तेरा
तु ही तो बनके आई थि मेरा वो सवेरा
बात एक होंठो पे दबाए थे वो राज
चुपके से आँखो से बताई थि वो बात
दुरी से हो जाति थि तुम जो वो नाराज
पास होके भि क्युँ हो आज उदास
क्युँ रुठा है आज तेरे चेहरे का ये साज
है कोनसि वो बात जो मन ही मन है चुभति
होंठो पे आने से क्युँ है वो डरति
पास होंके भि क्युँ ना हम ये साथ है
तुम साथ होंके भि क्युँ ना ये दिल पास है
बतला भि दों क्या है मन मै ये रंजिश
प्यार है या बेवफाई क्यां है तेरी साजिश
कर रहा है ये दिल जिने की कोशिश
केह रंहा है ये दिल मिलने कि ख्वाहीश
हो रही है प्यार की आज आजमाईश
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