वक्त का और मेरा ज्यादा जमता ही नही

वक्त का और मेरा ज्यादा जमता ही नही
वो कभि मेंरे साथ रेहता ही नही
वो दौड में कभि आगे बढ जाता है
तो कभि पिछे पड जाता है
साथ में आ जाए तो खफा हो जाता है
मुझे वक्त को मनाना आता ही नही
वक्त का और मेरा ज्यादा जमता ही नही
मुझसे आगे रेहने दुँ तो मुझपे हसता जाता है
उसे पिछे छोड दुँ तो नाराज हो जाता है
साथ मे रखने कि कोशिश करु तो बेवफा हो जाता है
वक्त का और मेरा ज्यादा जमता ही नही
मुझे वक्त को मनाना आता ही नही
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